Monday, July 2, 2012

यारों चलो !!


जिंदगी का सफ़र बढ़ाते चलो,
मंजिलो के पास आते चलो |
अफ़सोस,पश्चाताप के भंवर से निकल,
जूनून के गीत गुनगुनाते चलो !!

बादलों के गर्जन का इतबार करो ,
तेज हवाओं के रुकने का न इंतज़ार करो,
मंजिल तुझे बुला रही हैं,
हर मोड़ पे दीप जला रही हैं !|

सृष्टि के इस अनुपम उपहार को उपयोग दो,
खुद के खुदी के लिए इसको झोंक दो !!

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